० 13 सितंबर, 2022 को हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. चंद्र त्रिखा ने बताया कि हरियाणा में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए इस साल के अंत तक ई-बुक्स योजना शुरू होगी।


० निदेशक डॉ. चंद्र त्रिखा ने बताया कि सबसे पहले मुंशी प्रेमचंद की 'गोदान', रामधारी सिंह दिनकर की 'रश्मि थी', धर्मवीर भारती की 'कनुप्रिया' और 'अंधा युग' ई-बुक्स उपलब्ध करवाई जाएंगी।


० इनके साथ ही कुछ पौराणिक ग्रंथों की रिकॉर्डिंग का काम भी चल रहा है।


भाषण कला और हिंदी में विशेष लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए सुषमा स्वराज स्मृति सम्मान शुरू किया जा रहा है।

० इसमें लेखकों को ₹5 लाख का पुरस्कार मिलेगा।


० बीते एक वर्ष के दौरान 4 नई योजनाएं भी शुरू की गई है। साहित्यकार सम्मान योजना, श्रेष्ठ कृति पुरस्कार, हरिगंधा पुस्तिका का प्रकाशन और साहित्यिक आयोजन इनमें शामिल है।