26 जून, 2022 को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य को नशा मुक्त करने के लिए करनाल की मधुबन पुलिस अकादमी स्थित हर्षवर्धन ऑडिटोरियम में हरियाणा राज्य व्यापक नियंत्रण ब्यूरो की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में नशा मुक्त अभियान की कार्य योजना को मंजूरी दी।

० इस प्लान में नशे से ग्रस्त व्यक्ति की पहचान करके उसे उचित परामर्श और चिकित्सा देकर उसका पुनर्वास किया जाना शामिल है।

० प्लान में "प्रयास" और "साथी" नाम से दो एप विकसित किए गए हैं जो प्रतिबंधित दवाइयों पर अंकुश लगाने का काम करेंगे, साथ ही इसमें ट्रेनिंग का विषय भी जोड़ा गया है।

० उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें रचनात्मक कार्य, विशेषकर खेलों से जोड़ने के लिए प्रदेश में 1100 खेल नर्सिंग बनाई जा रही हैं।

० प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए उक्त एक्शन प्लान के तहत स्कूल, कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में धाकड़ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। धाकड़ का अर्थ है:- हिम्मत वाला व्यक्ति।

० इस कार्यक्रम के तहत क्लास के 5 बच्चों का एक ग्रुप बनाया जाएगा जो सुस्त एकाकी रहने वाले वह चोरी-छिपे नशा करने वाले बच्चों की पहचान करेंगे और उसकी सूचना क्लास टीचर यानी सीनियर धाकड़ को देंगे।

० सीनियर धाकड़ सूचना प्राप्त करने के बाद संबंधित प्रिंसिपल/हेड मास्टर को रिपोर्ट करेंगे जो नोडल धाकड़ कहलाएगा।

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