० जो उद्योगपति फैक्ट्री का माल निर्यात करेगा उसकी 2% मार्केट फीस वापस की जाएगी।

प्लाईवुड का नया उद्योग लगाने पर उसकी 10 साल तक 1.5% सब्सिडी दी जाएगी।

उद्योग में निर्यात करने के लिए 1% सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम राशि ₹10 लाख तक होगी।

यमुनानगर में 50 करोड रुपए की लागत से फॉरेस्ट रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा, जिससे उद्योगपतियों व किसानों को लाभ मिलेगा।

० यह घोषणाएं मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यमुनानगर के स्वर्ण जयंती हॉल में आयोजित हरियाणा प्लाइवुड कॉन्क्लेव में प्लाईवुड कारोबारियों को संबोधित करते हुए की ।

० इस कार्यक्रम में असम के उद्योग मंत्री चंद्रमोहन पटवारी भी विशेष रूप से मौजूद थे।

० कॉन्क्लेव के आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह था कि प्लाईवुड के निर्यात में बढ़ोतरी कैसे की जाएगी।

० उन्होंने कहा कि यमुनानगर उत्तर भारत का सबसे बड़ा प्लाईवुड क्षेत्र है।

० भारतीय प्लाईवुड सेक्टर में वर्ष 2026 तक 5.5% वृद्धि होने की उम्मीद है।

० इसके तहत जो भी उद्योगपति अपने सामान का निर्यात करेगा, उसे 10 साल तक 1.5% वार्षिक सब्सिडी दी जाएगी।



हरियाणा का पहला टेट्रापैक प्लांट👆